हमारी प्राचीन परंपराओं के अनुसार नई शादी तथा नवजन्में बच्चों की खुशी में लोहड़ी का पर्व मनाया जाता है : डा.सीमांत गर्ग

*प्राचीन पर्व हमारी नई पीढ़ी को जागरूक करने के लिए बहुत अच्छा साधन है
मोगा, 13 जनवरी ( jashan) : हमारी प्राचीन परंपराओं के अनुसार नई शादी व नवजन्में बच्चों की खुशी जाहिर करने के लिए लोहड़ी का त्यौहार प्रति वर्ष 13 जनवरी को मनाया जाता है। ऐसे प्राचीन पर्व से हमारी नई पीढ़ी जागरूक होती है तथा हम सभी को मिलकर अपनी प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और पर्वों को जीवित रखने के लिए ऐसे त्यौहारों को धूमधाम से मनाना चाहिए। उक्त विचार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा.सीमांत गर्ग ने पुरानी दाना मंडी स्थित भाजपा के दफ्तर में लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाने के अवसर पर प्रकट किए। इस अवसर पर पूर्व महामंत्री मुख्तयार सिंह, पूर्व महामंत्री विक्की सितारा, पूर्व महामंत्री राहुल गर्ग, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष त्रिलोचन गिल, विनय शर्मा, राकेश शर्मा, व्यापार मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवप्रिय त्यागी, बोहड़ सिंह, शमशेर सिंह कैला धर्मकोट, सीनियर नेता राकेश भल्ला, भजन सितारा, बाघापुराना मंडल अध्यक्ष दीपक तलवाड़, राम तीर्थ गुंबर, सुखबीर सिंह, कुलवंत सिंह, सुधीर मित्तल, राजेन्द्र गाबा, अमित गुप्ता, भूपिंदर हैप्पी, धर्मवीर, संजीव अग्रवाल, सुरिंदर सिंह, अमनदीप ग्रोवर, उमाकांत राय, विजय मिश्रा, शशिकांत पांडे, सुमन मल्होत्रा, सुखदीप कौर भेखा, विनय शर्मा, मुकेश शर्मा, जतिंदर चड्ढा, हेमंत सूद,सुखा सिंह, गोल्डी कौर, सोनी मंगला के अलावा काफी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर डा.सीमांत गर्ग ने कहा कि लोहड़ी उत्तर भारत खासकर पंजाब का बेहद खास और खुशियों से भरा त्योहार माना जाता है। ये पर्व सर्दियों के अंत और फसल के मौसम की शुरूआत का प्रतीक होता है. इस दिन लोग आग जलाकर उसके चारों ओर घूमते हैं, मूंगफली, रेवड़ी और तिल चढ़ाते हैं और ढोल की थाप पर जश्न मनाते हैं. लेकिन लोहड़ी सिर्फ मौसम या फसल से जुड़ा त्योहार नहीं है। इसके पीछे एक भावनात्मक लोककथा भी जुड़ी हुई है, जो इसे और खास बना देती है. ये कहानी है दो लड़कियों और एक बहादुर लोकनायक की, जिसने समाज में इंसानियत और सम्मान की मिसाल कायम की। लोहड़ी को नई फसल के स्वागत का पर्व माना जाता है। इस समय गेहूं की फसल खेतों में लहलहाने लगती है. किसान अपनी मेहनत का शुक्रिया अदा करने के लिए अग्नि देव की पूजा करते हैं. आग में तिल, गुड़, मूंगफली और पॉपकॉर्न अर्पित किए जाते है। ये सब समृद्धि और खुशहाली के प्रतीक माने जाते हैं। सुंदरी और मुंदरी पंजाब की लोककथा से जुड़ी दो बहनों के नाम बताए जाते हैं, जिनका जिक्र लोहड़ी के मशहूर लोकगीत सुंदर मुंदरीए में मिलता है। उन्होंने भाजपा के समूह पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को लोहड़ी की मुबारकबाद दी तथा गचक, मूंगफली व रेवड़ी वितरित करके इस पर्व की खुशी को और बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमें लड़के व लड़कियों में कोई अंतर नहीं देखना चाहिए तथा लड़के-लड़की दोनों की खुशी बराबर की मनानी चाहिए तथा लड़कियों को और उत्साहित करने के लिए लड़कियों के जन्मदिन पर धूमधाम से लोहड़ी का त्यौहार मनाना चाहिए। इस अवसर पर महामंत्री राहुल गर्ग द्वारा अपनी नवजन्मीं भतीजी की खुशी पर समूह भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को चाय पकौड़े की रिफ्रेशमेंट दी गई तथा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा.सीमांत गर्ग तथा समूह भाजपा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने राहुल गर्ग को उनकी नवजन्मीं भतीजी जो लक्ष्मी के रूप में उनके घर में आई हैं उसकी बधाई दी।


