गीता भवन ट्रस्ट का नामित मेंबर बनकर देवप्रिय त्यागी ने इस्तीफा देते हुए कहा '' मैं उन झूठे और डरपोक व्यक्तियों में से भी नहीं हूँ जो गीता भवन को लूटते हुए देख सकते है पर उस पावन धरोहर को बचाने के लिए आगे नही आते ''.

मोगा, 7 अगस्त (जश्न) : गीता भवन ट्रस्ट का नामित मेंबर बने देवप्रिय त्यागी ने आज ट्रस्ट के जॉइन्ट सेक्टरी के पद्द से इस्तीफा दे दिया। प्रैस नोट जारी करते हुए उनहोने कहा कि गीता भवन बचाओ संघर्ष समिति का आंदोलन गीता भवन और उस से जुड़े हुए आस्था के केंद्रों को बचाना था। उनहोने कहा कि गैर कानूनी रूप से प्रॉपर्टी बेची जा रही थी और अयोग्य व्यक्ती को गीता भवन की पवित्र गद्दी पर बैठा दिया गया। उनहोने कहा कि दुःख तब होता है जब एक आस्था के केंद्र को लूट का एक अड्डा बना दिया गया और कुछ फाउंडर सदस्यों को छोड़कर इस धरोहर को बचाने के लिए कोई आवाज नही उठाता। उनहोने कहा कि क्या मंदिर को बचाने के लिए या आस्था के केंद्र को बचाने के लिए आपको मोगा शहर में पैदा होना जरूरी है ? क्या धर्म का अनुयायी होना काफी नही है ? क्या पाकिस्तान में तोड़े जा रहे मंदिर की खिलाफत करने के लिए पाकिस्तानी होना जरूरी है ?
उनहोने कहा कि हिंदू धर्म की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। उनहोने कहा कि मैं कभी जिंदगी में धार्मिक जगह से पैसे कमाने की नहीं सोच सकता लेकिन उन झूठे और डरपोक व्यक्तियों में से भी नहीं हूँ जो गीता भवन को लूटते हुए देख सकते है पर उस पावन धरोहर को बचाने के लिए आगे नही आते.
उनहोने कहा कि वह ट्रस्ट के नामित मेंबर बनकर, आज अपना इस्तीफा दे रहे है और ये बताने के लिए कि कोई भी पद, मेरा अंतिम लक्ष्य नहीं है लेकिन मेरी लड़ाई मंदिर, धार्मिक आस्था के केंद्रों को बचाने की हमेशा चलती रहेगी. इंसान पद और प्रधान बनने की चाहत में धार्मिक जगह को भी लूट का अड्डा बना देता है । उनहोने कहा कि आज हिन्दू समाज को जागने की जरूरत है अन्यथा लुटेरे आपके धर्म को भी खत्म कर देंगे। उनहोने कहा कि ऐसे व्यक्तियों के लिए ज़मीर से बड़ा पैसा होता है। गीता भवन पूरे देश की आस्था का केंद्र है और कोई भी लुटेरा इसे लूटने की कोशिश करेगा तो उसे गीता भवन बचाओ संघर्ष समिति बचाने के लिए पूरी लड़ाई लड़ती रहेगी। उनहोने कहा कि मैं नयी मनोनीत टीम को बधाई देता हूं जिन्होंने गीता भवन को बचाने के लिए पुरानी भ्रष्ट समिति को बर्खास्त किया.मैं आशा करता हूँ की स्वामी कमलपुरी जी और फाउंडर मेंबर खुशवंत जोशी की अगुवाई में जल्दी गीता भवन से भ्रष्ट लोगो की छुट्टी होगी।


